होटल लक्ष्मीविलास को सीबीआई कोर्ट के आदेष पर राज्य सरकार ने लिया कब्जे में

  • अब सीबीआई कोर्ट के निर्णय पर सरकार पजेषन लेकर देगी आईटीडीसी को

आखिरकार 18 साल बाद केन्द्र सरकार के आईटीडीसी अधीन रहे उदयपुर के पांच सितारा होटल लक्ष्मीविलास को सीबीआई कोर्ट के आदेष पर राज्य सरकार अपने पजेषन में लेकर आईटीडीसी को ही सौंपने की कार्रवाई कर रही है। इस होटल का विनिवेष महज सात करोड 52 लाख रुपए में ललित सूरी के भारत होटल गु्रप को कर भारी भरकम घोटाला किया गया था। बाद में इसकी सरकारी एजेंसी ने ही वेल्युएषन 151 करोड रुपए आंकी थी।

उदयपुर में फतहसागर किनारे स्थित इस होटल लक्ष्मीविलास के विनिवेष को लेकर सीबीआई कोर्ट जोधपुर ने सुओ मोटो प्रकरण दर्ज किया था। बाद में इसमें उदयपुर से ही होटल के पूर्व कार्मिक अंबालाल नायक की एप्लीकेषन कोर्ट में दर्ज हो गई थी। दरअसल, होटल ऐतिहासिक और हैरिटेज लुक का होने से बहुत महंगी सम्पत्ति है। पूर्व में विनिवेष के दौरान इसकी कीमत कौडियों के भाव लगाकर ललित सूरी के भारत होटल गु्रप के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद इस होटल का विनिवेष समाप्त करने के लिए काफी हंगामा भी हुआ लेकिन समय समय पर इसके खिलाफ उठी आवाज को दबा दिया जाता रहा।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई कोर्ट के आदेष पर उदयपुर जिला कलक्टर चेतनराम देवडा और अन्य अधिकारियों की टीम होटल को अपने पजेषन में लेकर भारत सरकार के आईटीडीसी उपक्रम को सौंपने की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके लिए अअधिकारियों की टीम वहां मौके पर डटी हुई है। इस होटल को आईटीडीसी को सौंपा जाएगा।

उक्त हाूेटल के विनिवेष को बाद से ही पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने राज्य सरकार के आदेष पर होटल की जमीन की वेल्युएषन करवाई थी, जिसके पेटे 151 करोड रुपए की कीमत आंकी गई। विनिवेष के दौरान होटल की जमीन को एग्रीकल्चर मानकर इसकी वेल्युएषन कर कौडियों के दाम बेच दिया गया था। इस मामले में बाद में सीबीआई के तत्कालीन अधिकारियों ने उदयपुर आकर अनुसंधान कर मुकदमा भी दर्ज किया था।

Related

JOIN THE DISCUSSION

five × two =