यूनिसेफ राजस्थान और लोक संवाद संस्थान की ओर से राजस्थान में जिला स्तर पर फैलोशिप कार्यक्रम 2019-2020 आयोजित,उदयपुर सहित अन्य जिलों के रिपोर्टर्स हुए सेलेक्ट.

यूनिसेफ राजस्थान और लोक संवाद संस्थान की ओर से राजस्थान में जिला स्तर पर कार्यरत रिपोर्टर्स और स्ट्रिंगर्स के लिए सामाजिक विकास के मुद्दों पर रिपोर्टिंग हेतु फैलोशिप कार्यक्रम 2019-20 घोषित किया गया। जयपुर के एक होटल में शुक्रवार को आयोजित आमुखीकरण कार्यशाला में फैलोशिप प्रदान की गई साथ ही फैलो के रूप में चुने गए रिपोर्टर्स का आमुखीकरण किया गया।

लोक संवाद संस्थान के सचिव श्री कल्याण सिंह कोठारी ने बताया कि फैलोशिप के लिए अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, झुंझुनूं, कोटा और बाडमेर जिला मुख्यालयों से कुल 7 पत्रकारों का फैलो के रूप में चयन किया गया है।

फैलोशिप की अवधि दो महीना है और इस फैलोशिप अवधि के दौरान चुने गए फैलोज़ को सामाजिक विकास के मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्टिंग करनी होगी। इसके लिए प्रत्येक फैलो को विषय संबंधित सहायता के लिए एक मेंटर (गाइड) भी दिया गया है।

उन्होंने बताया कि फैलोशिप के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से 50 से भी ज्यादा रिपोर्टर्स के आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें से एक्सपर्ट्स के पैनल ने 20 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।

यूनिसेफ राजस्थान की कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट सुचोरिता बर्धन ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के कन्वेंशन ऑन द राइट्स ऑफ द चाइल्ड के 30 साल (CRC@30) होने के मौके पर ये पहल की गई है।

इसका उद्देश्य बच्चों से जुड़े मुद्दों पर नैतिक, संतुलित, प्रामाणिक और विस्तृत रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करना है। फैलोशिप के विषय सामाजिक विकास के मुद्दे हैं जिनमें पोषण, शिक्षा, पेयजल व जल संरक्षण, बाल संरक्षण तथा समग्र सामाजिक नीति शामिल हैं।

इस आमुखीकरण कार्यशाला में 20 पत्रकार शामिल थे। दिल्ली में मुंबई मिरर की प्रतिनिधि श्वेता दत्ता और गांव कनेक्शन लखनऊ के डिप्टी न्यूज एडीटर अरविंद शुक्ला इस कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ के तौर पर आमंत्रित थे।

दोनों विशेषज्ञों ने सामाजिक विकास के मुद्दों पर आधारित पत्रकारिता के महत्व और विभिन्न रिपोर्टिंग टूल्स के बारे में जानकारी दी।

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