फूड पॉईजनिंग के प्रकरण में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क,प्रशासन ने की त्वरित कार्यवाही, कांगणी के आटे व पेयजल के नमूने लिए कोई भी गंभीर नहीं, सभी मरीज सामान्य

उदयपुर, 22 जून। सोमवार को निर्जला एकादशी के उपलक्ष में उदयपुर जिले के लोगों द्वारा व्रत के दौरान सागार (फलाहार) करने में कांगणी के आटे से बनाए व्यंजनों को खाने के काद फूड पॉईजनिंग के प्रकरण में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

प्रशासन ने जहां बीमार मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाते हुए राहत दी है वहीं चिकित्सा विभाग की टीमों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से कांगणी के आटे व पानी के नमूने लिए गए हैं।

जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने इस संबंध में चिकित्सा विभाग की टीमों को निर्देश देते हुए जिले भर से रिपोर्ट तलब की और जहां-जहां से रोगियों ने कांगणी का आटा खरीदा वहां से इसके नमूने भी लिए हैं।

उन्होंने बताया कि उदयपुर शहर के साथ ही जिले के तीन ब्लॉक में फूड पाईजनिंग की शिकायतें पायी गयी जिसमें उदयपुर शहर के धानमण्डी, जगदीश चौक, रावजी का हाटा, जडि़यों की ओल, कसारों की ओल, रामपुरा साईफन चौराहा, हिरण मगरी, पूला आदि तथा ग्रामीण क्षेत्रों से करणपुर, चुण्डावतों का खेड़ा, बांसलिया (खण्ड भीण्डर), नामरी (खण्ड मावली), कुराबड़ (खण्ड गिर्वा) शामिल हैें।

प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में कांगणी के आटे के सेवन से कुल 276 लोग बीमार हुए जिनका समय पर ईलाज किया गया है। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य हैं। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी गई है।

प्रशासन व चिकित्सा विभाग की त्वरित कार्यवाही:
कलक्टर देवड़ा ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी प्राप्त होते ही प्रशासन सतर्क हो गया और 167 मरीजों को अधीक्षक,महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय व प्रधानाचार्य रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के निर्देशन में सोमवार शाम को ही चिकित्सालय के आपातकालीन इकाई में तत्काल प्रारंभिक चिकित्सा मुहैया करवाई और रोगियों को मेडिसीन विभाग में भर्ती कराया गया। सभी मरीजों में उल्टी दस्त, जी मिचलाना, चक्कर आना इत्यादि लक्षण पाये गये। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य हैं कोई भी मरीज गम्भीर नही हैं एवं ना ही किसी मरीज की मृत्यु हुयी हैं।

संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट और जिला कलक्टर चेतन देवड़ा स्वयं भी मंगलवार सुबह एमबी चिकित्सालय पहुंचे और यहां पर मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं की जानकारी लेकर चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

चार स्थानों से आटे के नमूने, प्रभावित क्षेत्र से पानी की भी हुई जांचः
कलक्टर देवड़ा ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने फूड सेफ्टी ऑफिसर अशोक गुप्ता मय टीम के साथ मैसर्स ज्ञान ट्रेडर्स काली बावड़ी धनमण्डी, उदयपुर, मैसर्स खूबचंद ज्ञानमल लखारा चौक धानमण्डी उदयपुर, मैसर्स गोविन्दराम जेउमल जडि़यो की ओल घण्टाघर उदयपुर तथा मैसर्स सैफी ट्रेडिंग कम्पनी, कृषि उपज मण्डी सवीना उदयपुर से खाद्य नमूने (कांगणी का आटा) के सेम्पलिंग की कार्यवाही की।

मरीजों से पूछताछ में मालूम चला कि जहां-जहां फूड पॉईजनिंग की शिकायतें पायी गयी, उन लोगों ने इन चारांे स्थानो से उक्त आटे की खरीद की थी।

सेम्पलिंग समय तहसीलदार, गिर्वा मय टीम उपस्थित थे। आटे की सेम्पलिंग के बाद प्रयोगशाला में जांच हेतु भिजवा दिया गया हैं।

इसी प्रकार उदयपुर शहर के प्रभावित क्षेत्र से पानी के सेम्पल भी लिये गये हैं जिन्हंे जांच हेतु हिरण मगरी स्थित सेटेलाईट अस्पताल भिजवाएं गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी हुई त्वरित कार्यवाही:
कलक्टर देवड़ा ने बताया कि खण्ड भीण्डर के वल्लभनगर क्षेत्र के करनपुर, चुण्डावतों का खेड़ा, बांसलिया गांव में कांगणी का आटे के पकवान खाने से 53 लोग बीमार हुए।

सूचना मिलते ही बीसीएमओ डॉ.संकेत जैन मय 4 चिकित्सकीय दल के साथ तुरन्त पहंुचे जहां मरीजों का उपचार कर दवाईयॉ उपलब्ध करवाई गई। इसी प्रकार खण्ड मावली नामरी गांव में कांगणी का आटे के पकवान खाने से 35 लोग बीमार हुए।

सूचना मिलते ही सीएचसी प्रभारी डबोक डॉ. डीएस राव मय दवाईयों एवं स्टाफ के साथ तुरन्त पंहुचे जहां मरीजों का उपचार कर दवाईयॉ उपलब्ध करवाई गई।

इसके अलावा कुराबड़ क्षेत्र से भी कुल 21 लोग कांगणी का आटा खाने से बीमार हुए जिन्होंने सीएचसी कुराबड़ आकर ईलाज लिया।

तीनों खंडों में सभी मरीजों की स्थिति सामान्य हैं कोई भी मरीज गम्भीर नही हैं एवं ना ही किसी मरीज की मृत्यु हुई हैं।

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