रेलवे अधिकारियों के साथ उद्योगों हेतु माल-भाडा सुविधा आरम्भ करने पर चर्चा.

उदयपुर चैम्बर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री में रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी (वाणिज्य) श्री मुकेष श्रीवास्तव, वाणिज्य सुपरवाईजर (उत्तर पष्चिम रेलवे) श्री सुरेष कपूर, सहायक वाणिज्य प्रबन्धक, अजमेर श्री कमल षर्मा के साथ एक परिचर्चात्मक बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में चर्चा का मुख्य विशय उद्योगों द्वारा माल ढुलाई के लिये रेलवे की सुविधाओं के उपयोग को बढावा देना था।

इस विशय में यूसीसीआई की ओर से रेलवे विभाग के अधिकारियों को विस्तृत रूप से उद्योगों की आवष्यकताओं पर जानकारी दी गई।

बैठक में यूसीसीआई की ओर से अध्यक्ष श्री रमेष कुमार सिंघवी, वरिश्ठ उपाध्यक्ष श्री हेमन्त जैन, उपाध्यक्ष श्री मनीश गलूण्डिया तथा निर्यात एवं डीजीएफटी सब कमेटी के चेयरमैन श्री पवन तलेसरा ने भाग लिया।

बैठक में चर्चा के दौरान अध्यक्ष श्री रमेष कुमार सिंघवी ने बताया कि पारम्परिक रूप से उदयपुर के उद्योग माल ढुलाई के लिये रेलवे की सुविधाओं का उपयोग करते आये हैं किन्तु आज की स्थिति में सडक परिवहन द्वारा ज्यादा माल भेजा तथा मंगवाया जा रहा है।

इसका मुख्य कारण उदयपुर सम्भाग में रेलवे की सुविधाओं का अभाव, रेलवे द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के प्रचार-प्रसार में कमी तथा रेलवे की प्रक्रिया में जटिलताएं मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी (वाणिज्य) श्री मुकेष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में रेलवे ने अपनी व्यवस्थाओं में काफी सुधार किया है तथा माल ढुलाई के नियमों में काफी लचीलापन अपनाया गया है।

जवाई बांध क्षेत्र में एक गुड्स डिपो प्रारम्भ किया गया है तथा आज की तारीख में माल-भाडे की षर्तों में बदलाव करते हुए पार्सल वैन तथा किराए पर कम्पार्टमेन्ट (लीज कम्पार्टमेन्ट) दिए जाने की सुविधा आरम्भ की है।

साथ ही कम मात्रा में भेजे जाने वाले माल के लिये मिनी रेक्स की सुविधा भी अब उपलब्ध है।

उद्योगों को रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई करने में जो समस्याएं आती थीं उन्हें भी दूर करने के प्रयास किये गये हैं। आज की तारीख में रेलवे द्वारा मल्टी पाॅईन्ट पार्सल सेवा भी दे रही है। साथ ही पहले रेलवे में माल को ट्रेक करने की सुविधा नहीं थी जिसे अब ट्रेकिंग नम्बर द्वारा षुरू कर दिया गया है।

राउण्ड ट्रिप में भेजे जाने वाले माल के भाडे पर रेलवे द्वारा 25 से 30 प्रतिषत तक की छूट दी जा रही है तथा और अधिक लोडिंग एवं अनलोडिंग स्टेषन भी बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि उदयपुर से मून्दडा का डायरेक्ट रूट बन जाने पर रेलवे द्वारा निर्यात हेतु माल भेजना सबसे सरल हो जायेगा।

बैठक में वरिश्ठ उपाध्यक्ष श्री हेमन्त जैन द्वारा रेलवे अधिकारियों को एक विस्तृत एक्सपोर्ट प्लान प्रस्तुत किया गया।

बैठक के अन्त में उपाध्यक्ष श्री मनीश गलूण्डिया ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया एवं भविश्य में ऐसी और बैठकें आयोजित कर रेलवे तथा यूसीसीआई के मध्य समन्वय बढाने की कामना की।

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