उदयपुर मण्डी की खातिरदारी रास आ रही है किसानों को सुनहरे रंग बिखेर रहा है कृषक कल्याण का इन्द्रधनुष किसान कलेवा योजना में पाँच रुपए में भरपेट भोजन की सुविधा

राजस्थान सरकार किसान-कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से भरसक प्रयासों में जुटी है। इससे कृषक वर्ग के लिए अपनी उन्नति और खेती-बाड़ी में विकास को सम्बल प्राप्त हुआ है वहीं किसानों की सहूलियतों के लिए भी व्यापक प्रबन्ध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

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अपनी उपज को लेकर मण्डी में आने वाले किसानों के लिए सरकार की किसान कलेचा योजना क्षेत्र भर के किसानों को खूब रास आ रही है जिसने उनकी दोपहर भोजन की समस्या खत्म कर डाली है।

उदयपुर संभाग मुख्यालय स्थित कृषि उपज मण्डी परिसर क्षेत्र के किसानों के लिए आशाओं का द्वार बना हुआ है जहाँ अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं जिनकी वजह से उन्हें घर-परिवार जैसी आत्मीयता भरा माहौल मिल रहा है।

यहां आने वाले किसानों में अधिकतर दूरदराज के ग्राम्यांचलों से आने वाले काश्तकार होते हैं जिनके लिए उदयपुर शहर में आने के बाद जो भी सुविधाएं चाहिएं वे इस कृषि उपज मण्डी समिति (अनाज) में उपलब्ध हैं।

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इन सभी प्रकार की सहूलियतों में खास बात यह है कि मण्डी में अपनी उपज को लेकर आने वाले किसानों के लिए मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन की सुविधा दी जा रही है। कृषि मण्डी में जिंस विक्रय के लिए आने वाले काश्तकार अपनी उपज को विक्रय के लिए ट्रैक्टर ट्रोली, ऊँट गाड़ी व अन्य साधनों से लेकर आते हैं। इन किसानों को मण्डी यार्ड में आने के बाद विभिन्न प्रक्रिया पूरी होने तक काफी समय लगता है और मण्डी यार्ड में रूक कर भोजन करना पड़ता है।

इसे देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है कि किसानों को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन मण्डी यार्ड में ही उपलब्ध हो जाए।  इसके लिए किसान कलेवा योजना लागू की गई है जिसे किसानों ने काफी सराहा है।

हालांकि किसानों के लिए परोसी जाने वाली भरपूर थाली की कीमत 40 रुपए होती है लेकिन उनसे सिर्फ पाँच रुपए ही लिए जा रहे हैं। शेष 35 रुपए का भुगतान मण्डी समिति द्वारा अनुदान के रूप में किया जाता है। भरपेट भोजन की यह सुविधा कृषकों के साथ ही पंजीकृत हम्मालों और पल्लेदारों को भी प्राप्त है। भोजन की थाली में  8 चपातियाँ (250 ग्राम), दाल और सब्जी के साथ ही सर्दियों के दिनों 50 ग्राम गुड़ और गर्मियों के दिनों में 200 मिलीलीटर छाछ शामिल है।

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उदयपुर कृषि उपज मण्डी समिति(अनाज) के सचिव श्री भगवानसहाय जाटव बताते हैं कि यह योजना किसानों में खूब लोकप्रिय हुई है तथा इससे उदयपुर मण्डी में आने वाले किसानों को राहत का अहसास हुआ है।

इस योजना में अब तक 29 हजार 376 किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। इनमें गत वित्तीय वर्ष में 23 हजार 553 किसानों ने कलेवा योजना का लाभ पाया जबकि चालु वित्तीय वर्ष में 5 हजार 823 किसान लाभान्वित हुए हैं। मण्डी समिति इसके लिए अनुदान के रूप में कुल 5 लाख 48 हजार 939 रुपए की राशि प्रदान कर चुकी है। इसमें गत वर्ष 4 लाख 03 हजार 364 रुपए की धनराशि व्यय कर चुकी है जबकि चालु वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक किसान कलेवा योजना में अनुदान के रूप में 1 लाख 45 हजार 575 रुपए की धनराशि खर्च हो चुकी है।

गृह मंत्री श्री गुलाबचन्द कटारिया ने हाल ही मण्डी परिसर में हुए डोम शिलान्यास समारोह में किसान कलेवा योजना को किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था बताया और इसके लिए मण्डी कारोबार से संबंधित भामाशाह व्यापारियों का सहयोग मिलने की उम्मीद भी जतायी ।

उदयपुर क्षेत्रीय सांसद श्री अर्जुनलाल मीणा ने मण्डी समिति पहुंचकर कई बार इस व्यवस्था का अवलोकन किया और अपने हाथों  किसानों को जिमाया। श्री मीणा के अनुसार सामाजिक सरोकारों की दिशा में किसान कलेवा योजना सरकार का बेहतर प्रयास है और इससे किसानों को फायदा हुआ है।

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